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Cover of वयं रक्षामः

वयं रक्षामः

by आचार्य चतुरसेन शास्त्री

वयं रक्षामः: इस उपन्यास में उन्होंने रामायण की कथा को एक नए दृष्टिकोण से देखा है। इसमें रावण और उसकी संस्कृति (रक्ष संस्कृति) का चित्रण बहुत ही अलग और मानवीय ढंग से किया गया है।

Chapters

पूर्वनिवेदन तिल-तंदुल तू न प्रथम है, न अन्तिम अध्याय 1: द्वीप समूह मनुर्भरत प्रलय वरुण ब्रम्हा आदित्य दैत्य-दानव देवासुर-संग्राम वज्रपाणि दैत्येन्द्र स्वर्णपुरी लंका लघु अभियान दानव मकराक्ष जल-देव वाचे पुरुषमालभेत सुम्बा द्वीप में दानव समुद्र-तट का प्रभात रावण का शोक मय दानव और मंदोदरी विवाह और उत्सव मधुयामिनी स्वर्ण-लंका में Swarna-Lanka Mein इन्द्र तारकामय The Founding of Aryavarta मानव Pururava and His Descendants Vartraghna देवेन्द्र-नहुष पौरव दाशराज-संग्राम आनर्त उत्तरकोशल: The Kingdom and its Conflicts Anarya Jan राक्षसेन्द्र रावण रावण का भारत-प्रवेश Dandakaranya असुरों का देश वैजयन्तीपुरी रावण का स्वागत मायावती माधवी-मण्डप में श्रद्धांजलि आलिंगन असुर का विक्रम शम्बर-संग्राम Sahagaman गन्धर्वों की नगरी में गन्धर्वपुरी से प्रस्थान किष्किन्धापुरी में रावण और बालि की मित्रता अग्नि साक्षी रुद्र रुद्र (Continuation) रुद्र (Continuation 2) Devadhidev Daksha's Yajna Rudra's Transformation Dev–Sannidhya Guhyad Guhyatam लिंग और उमा रावण की प्रार्थना लिंग पूजा माया का वर्ष-नक्षत्र श्रेय और प्रेय Aroha Talpam राजकुमार का दूषण Nikumbhala-Yajna अन्तःपुर शूर्पणखा विद्युज्जिह्व मातृवध प्रतिगमन यमजिह्वना अश्मपुरी का युद्ध Vashishtha-Vishwamitra हैहय कार्तवीर्य सहस्रार्जुन माहिष्मती का युद्ध रावण की मुक्ति रावण की मुक्ति मधुपुरी आर्यावर्त में प्रवेश धनुष-यज्ञ सार्वभौम रावण Urpur सायं श्वसुरमन्दिरम् अमरावती में लंका की ओर रंग में भंग सुभद्र वट रत्न-कूट द्वीप राम मन्थरा का कूट तर्क कैकेयी का स्त्री-हठ Van Gaman Haran (The Abduction) जटायु का आत्मयज्ञ अशोक वन में वार वेशम इन्द्र-मोचन ऐन्द्राभिषेक Sulochana अशोक वन हा सीते! The Slaying of Bali सीता की खोज में सागर-तरण लंका में अन्वेषण सीता-साम्मुख्य पराक्रम का संतुलन अभिगमन प्रिय-निवेदन Abhiyan (The Expedition) जगज्जयी का कामवैकल्य राजसभा Sharnyam Sharanam रणभेरी रक्षा-कवच राम-व्यूह संग्राम Harsa-Vishad तुमुल युद्ध महातेज कुम्भकर्ण जगदीश्वर का वैकल्य Rathindra ka Abhigman मेघनाद अभिषेक Devesndra's Anxiety धूर्जटि के सान्निध्य में अभिसार Devdoot समागम वैदेही-वैकल्य Koot Yog जनरव Rathindra-Vadh वज्रपात देवानुग्रह प्रसीदतु देव:! सुसंवाद अस्त्रपाणि रावण विशल्यसंजीवनी सन्धि-भिक्षा Chitarohan वध

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