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अद्भुत हौदिनी

 

अक्टूबर ३१ १९३६ की रात थी , हेलोवीन की रात | सारे आदमी और औरत हाथ जोड़े एक गोल टेबल के आस पास बेठे थे | वह सन्देश का इंतज़ार कर रहे थे –वो सन्देश जिसका वो पिछले १० सालों से हर हेलोवीन रात को आने का इंतज़ार करते थे | पर वो सन्देश नहीं आया |

आखिरकार एक औरत टेबल से उठी और बाकियों से – और सुन रहे रेडियो के श्रोताओं से कहने लगी –“हौदिनी नहीं आ पाया” मेरी आख़री उम्मीद भी चली गयी |

में ये नहीं मानती हूँ की हौदिनी कभी भी मेरे पास या किसी के पास भी वापस आ सकता है ....हौदिनी समाधी को जले १० साल हो गए | अब में श्रद्धा से .....रौशनी को बुझा रही हूँ | सब ख़तम हो गया है ...शुभ रात्री हैरी !”

वह औरत थी बेस हौदिनी प्रसिद्ध जादूगर और भागने कलाकार की पत्नी | और ये वो आख़री इजलास है जिसमें वह अपने मरे पति से संपर्क करने के लिए भाग लेगी |

पर वह इजलास अपने आप नहीं रुके | १९२७ से आजतक हर अक्टूबर ३१ को एक इजलास आयोजित किया जाता है इस उम्मीद में की हैरी हौदिनी से संपर्क हो पायेगा | अभी तक तो महान हौदिनी सामने नहीं आये हैं |

हौदिनी इजलास उनकी पहली पुण्यतिथि से चल रही एक हेलोवीन  प्रथा है | जादूगर ५२ साल की उम्र में ३१ अक्टूबर १९२६ को पेर्तिनोतिस एक फूटे अपेंडिक्स की से हुए अंदरूनी  संक्रमण की वजह से ख़तम हो गए थे |

मरने से कुछ समय पहले ,हौदिनी ने बेस को वादा किया की अगर हो सका तो वह वापस आ उनसे दूसरी तरफ से संपर्क साधेंगे | उनलोगों ने एक गुप्त सन्देश तय किया जो सिर्फ उन्हें और बेस को पता था ; इससे ये साबित हो जायेगा की हौदिनी आगे की ज़िंदगी के चंगुल से छूट पाए हैं |

लेकिन १० साल में १० इज्लासों के बाद भी बेस को अपने प्यारे पति का व्यक्तिगत सन्देश नहीं मिला था |

हैरानी की बात है की हैरी हौदिनी ये नहीं मानते थे की मरने वालों की आत्मा से संपर्क किया जा सकता है | एक जादूगर और भागने कलाकार की प्रसिद्धि के इलावा हौदिनी को जाना जाता था – ख़ास तौर से अपने काम के आख़री सालों में – आत्मा माध्यम और जाली इजलास का सच सामने लाने  के लिए |

पर उन्हें लगता था की अगर ऐसा हो सकता है की कोई वापस आ सकता है , तो वह ऐसा करने का तरीका ढूँढ ही लेंगे |

१९२० में धार्मिकता अमेरिका और ब्रिटेन में नयी ऊंचाईयां छु रही थी | इस बात में एक पुरजोर विश्वास था की इजलास और माध्यमों के सहयोग से मरे हुए लोगों से बात की जा सकती है | ये आन्दोलन १८०० के मध्य में शुरू हुआ था , अगले बीस साल तक इसने लोकप्रियता हासिल की और सदी के अंत तक ठंडा पढ़ गया क्यूंकि कई माध्यम झूठे साबित हो गए थे | लेकिन पहले विश्व युद्ध के बाद धार्मिक आन्दोलन ने फिर जोर पकड़ा क्यूंकि काफी लोग युद्ध में मरे अपने परिवारवालों से बात करना चाहते थे |

और माध्यम वहीँ थे जनता जो विश्वास करती थी  उस ज़रुरत को पूरा करने के लिए | अभिनेता और चालबाज़ सबसे बेहतरीन माध्यम थे और इनके इजलास की प्रक्रिया में शामिल होता था आत्मा से संपर्क , उडती टेबल , उड़ते वाद्य जो अपने आप बजने लगते थे , मरे हुए लोगों से लिखित सन्देश , और ब्रह्प्रहस की सहज अभिव्यक्ति | ये प्रदर्शन कमाल के थे और उन्होनें कई बुद्धिमान लोगों को भी बेवकूफ बना दिया | हौदिनी खुद जादूगर होने की वजह से जानते थे की ये इजलास सिर्फ चालाक धोखे हैं |

 

हौदिनी बनाम माध्यम

अपने शुरुआती सालों में हौदिनी भी नकली इजलास रचा करते थे | किताब हौदिनी : ए मैजिशियन अमंग द स्पिरिट्स के हिसाब से १८९८ में “हौदिनी ख़ास रविवार रात को कैलिफ़ोर्निया कॉन्सर्ट कंपनी के मध्य-पश्चिमी दवा शो के लिए प्रदर्शन करते थे | इजलास के दौरान हौदिनी टेबल उड़ाते थे और कुर्सी से बंधे हुए वाद्य बजाते थे | जब कंपनी बंद हो गयी तो वो और उनकी पत्नी स्थानीय यूनियन हॉल्स और डाइम संघ्रालय के लिए इजलास देते रहे ,जब तक वेल्श भाइयों के सर्कस ने उन्हें अपने साथ नहीं अनुबंधित कर लिया |

१८९९ में हौदिनी का व्यवसाय बढ़ गया और उसने ये इजलास का कार्य छोड़ दिया “

१९२० में हौदिनी ने आत्मा के माध्यमो के खिलाफ जुंग छेड़ दी क्यूंकि उन्हें लगा की ऐसे लोग उन लोगों का फायदा उठाते हैं जिन्होनें अपने किसी प्रियजन को खोया है | जैसे जैसे वो देश भर में अपना प्रदर्शन करते थे वह स्थानीय माध्यमों को ढूँढ उनके झूठ का पर्दाफाश करते थे |

क्यूंकि वो इतने जाने पहचाने थे इसीलिए हौदिनी भेस बदल इन इज्लासों में भाग लेते थे | १९२२ में साइंटिफिक अमेरिकन पत्रिका ने उन्हें माध्यमों के दावों को जांचने के लिए  “मानसिक समिति” का भाग बनने के लिए निमंत्रण भेजा | पत्रिका ने २५०० $ का इनाम उस माध्यम को देने की कहा जो समिति की तसल्ली के मुताबिक एक आलोकिक अभिव्यक्ति प्रदर्शित कर सकता है | ये इनाम किसी ने नहीं जीता |

मशहूर माध्यमों में से एक जिसने ये चुनौती स्वीकार की वह थी मीणा क्रेन्दों नाम की एक खूबसूरत जवान औरत जिसको “मर्गेरी ,द बोस्टन मीडियम” के नाम से ख्याति मिली थी | पर वह भी हौदिनी के पैनी नज़र के आगे विफल हो गयी जब हौदिनी ने उसे अपने सर से टेबल उठाते और पैर से घंटी बजाते पकड़ लिया | हौदिनी से क्रेन्दों को 5000 $ का इनाम देने का वादा किया अगर वह अपने निवास स्थान बोस्टन में कोई आलोकिक अनुभव दिखा पाए तो |

उसने न्योता ठुकरा दिया |

स्वाभाविक तौर पर हौदिनी देश भर के माध्यमों में लोकप्रिय नहीं था क्यूंकि वह उसे अपनी जीविका का दुश्मन मानते थे |उसकी इस जंग ने उसे सर आर्थर कानन डोयल का दुश्मन बनाया जो की , शर्लाक होल्म्स नोवेल्स के प्रसिद्द लेखक थे  , वह  धार्मिकता के कट्टर आस्तिक और वकील थे और मीणा क्रेन्दों के समर्थक थे |

जब हौदिनी और साइंटिफिक अमेरिकन कमिटी ने क्रेन्दों को धोकेबाज़ बाते तो डोयल ने बोस्टन हेराल्ड के लिए एक लेख लिखा जिसमें उन्होनें समिति की निंदा की | जवाब में हौदिनी ने डोयल पर उनके “कटु वचनों” के लिए मुक़दमा दर्ज करने की धमकी दी|

 

वार्षिक इस्लाज

उस हेलोवीन रात को जब बेस हौदिनी ने अपने पति के तस्वीर के सामने से रौशनी बंद की , उसके बाद भी अधिकारिक या अनाधिकारिक तरीकों से पूरे देश में मरे हुए जादूगर से संपर्क करने के लिए इस्लाज चलते ही गए | ऐसा बता पाना की इनमें से कौन  से वाकई में संपर्क साध पा रहा वह बहुत मुश्किल है क्यूंकि जो सन्देश हौदिनी ने अपनी बीवी के साथ सोचा था वो अब सबको स्वयं बेस द्वारा बता दिया गया है |

हौदिनी मैजिकट्रिक्स .कॉम के हिसाब से “सन्देश भावनात्मक और पुराने दिमाग पड़ने के तरीकों पर बसा था “| सन्देश था ,’ रोसबेल जवाब –बोलो –प्रार्थना , जवाब –देखो – बताओ –जवाब , जवाब –बताओ | बेस की शादी की अंगूठी पर रोसबेल्ल लिखा था ; उस गाने का नाम जो उन्होनें अपनी पहली मुलाक़ात पर गाया था | बाकी के शब्द एक गुप्त स्पेल्लिंग कोड हैं जिसका इस्तेमाल एक जद्दोगर अपने शिष्य को दिमागी प्रक्रिया के दौरान जानकारी देने के लिए करता है | हर शब्द या शब्दों की जोड़ी एक अक्षर होता है | मसलन जवाब का मतलब था अक्षर बी जवाब जवाब था अक्षर वी | इस तरह से हौदिनी का गुप्त सन्देश का मतलब था शब्द “बिलीव”

१९२९ में एक माध्यम आर्थर फोर्ड ने दावा किया की उन्हें हैरी हौदिनी से गुप्त सन्देश मिला है ,लेकिन बाद में पता चला की उसका दावा झूठा है | बेस ने करीबन एक साल पहले ही वो सन्देश पत्रकारों को बता दिया था |

हालाँकि बेस ने इजलास करना छोड़ दिया था लेकिन उसने जादूगर वाल्टर .बी गिब्सन से ३१ अक्टूबर की प्रथा जारी रखने की गुज़ारिश की | कई साल तक गिब्सन अन्य जादूगरों के साथ न्यू यॉर्क शहर के मैजिक टाउन हाउस में इजलास का आयोजन करते रहे | कई और अनाधिकारिक हौदिनी इजलास का आयोजन पिछले कई सालों में स्थानीय माध्यमों ने किया है – सब मज़े में पर किसी को भी हैरी हौदिनी से एक हेल्लो तक सुनने को नहीं मिली |

अब अधिकारिक हौदिनी इजलास का आयोजन होता है स्क्रेन्तों पेंन्य्स्लावानिया के द हौदिनी संघ्रालय में | और समय के हिसाब से इजलास इन्टरनेट पर भी किये जा रहे हैं |

 

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