Android app on Google Play

 

शिवकवच

 

शिवकवच प्राकृत

वज्रदाढा, कंठ काळा, त्या शत्रुविनाशकासी नमन ।
अतिउग्र सहस्त्रकर त्या उमापती शंभूस वंदन ॥१॥

पुराण गुह्य तू पापविनाशी पवित्र शुभंकर ।
जयकारी संकट- हारी वर्णितो शिवकवच हितकर ॥२॥

ऋषभ म्हणाला

नमस्कार महादेवा तुझ्या विश्वव्यापी रुपास सदा ।
शिव गुपित हे सांगतो रक्षी मानवा वरद सदा ॥३॥

पवित्र भूमिवरी बैसीजे मांडोनी स्थिर आसर ।
इंद्रिय निग्रह प्राणायाम साधोनी करी शिवध्यान ॥४॥

हृदय निवासी स्वतेजोकाशी व्याप्त शिवशंकरा ।
अतिंद्रिय-सूक्ष्म अनंत ध्यावे परमानंद गिरीवरा ॥५॥

शिवरक्षा मंत्र

त्यजोनी कर्म बंधने सारी चिदानंदी ठेवी मन ।
जपोनी शिवमंत्र षडाक्षरी करी स्व-संरक्षण ॥६॥

रक्षोत देव मजला या भवसागरी ।
पाप नाश हो हृदयी मूळ मंत्राने सत्वरी ॥७॥

विश्वमूर्ति जोतिर्मय सच्चिदात्मा आनंदधन रक्षा कर ।
अणूरेणूत सर्वत्र जी शक्ती निर्भय करी सत्वर ॥८॥

भूतली रक्षी अष्टमूर्ति तू हे गिरीश शंकरा ।
नवजीवन जले देशी जलापासोनी रक्षी त्वरा ॥९॥

कल्पांती जग भस्म करिशी तांडव योगेश्वरा ।
वडवानल वायु पासोनी रक्षी काल रूद्र गिरीवरा ॥१०॥

विद्युत सुवर्णासम कांती तुझी विद्यावर परशुधरा ।
चतुर्मुख सुंदर निलत्रिनेत्रा दक्षिणेस रक्षण करा ॥१२॥

कंदपुष्प चंद्रशंख स्फटिक वेदाक्षमाला करी धारण ।
अभय हस्त त्रिनेत्र चतुर्मुख योद्धा पश्चिमेस करी रक्षण ॥१३॥

परशू माला वर्ण कमल पुष्प तंतू कर ।
त्रिनेत्र चतुर्मुख वामदेवा उत्तरेस रक्षा कर ॥१४॥

वेदांकुश पाशपरशू कवटी शूलाक्ष डमरू अभयवरदा ।
पंचमुखी चांदरात्री सम तेजस, अंतराळातूनी रक्षी सदा ॥१५॥

चंद्रमौली मस्तक रक्षी कपाल भालनेत्रेश्वरा ।
मदनहारी नेत्ररक्षी नासिकाग्र विश्वंभरा ॥१६॥

किर्ती गाती श्रुति ज्याची कानरक्षी कवटीधारी गालची ।
पंचमुख मुख रक्षो वेदजिव्हा जिभेसची ॥१७॥

निलकंठ गळा रक्षो धनुर्धर द्वय हस्तची ।
धर्मबाहु भुजा रक्षो धनुर्धर द्वय हस्तची ।
धर्मबाहु भुजा रक्षो यज्ञ वक्षस्थलची ॥१८॥

गिरीधनुर्धारी उदर रक्षो मदनहारी मध्य अंगची ।
गणेशपिता नाभि रक्षो धूर्जटी कमरेसची ॥१९॥

कुबेर मित्र गुडघे रक्षो जगदीश्वर मांडयासची ।
बैलध्वज जांघा रक्षो देवां चरणवंद्य जो रक्षी पायासची ॥२०॥

महेश्वर दिनारंभी रक्षो वामदेव मध्य प्रहरी ।
त्रिलोचना तृतीय प्रहरी रक्षो वृषध्वज अंत:प्रहरी ॥२१॥

रात्रारंभी शशिशेखर रक्षो गंगाधर मध्यरात्री ।
गौरीपती पहाट समयी मत्युंजय सदा दिन रात्री ॥२२॥

अंतरी रक्षी शिवशंकर बाह्यांतरी हि शंकर ।
मधोमध पशुपती रक्षो सर्वत्र सदाशिवहर ॥२३॥

स्थळी भुवनैकनाथ रक्षो प्रवासी प्रमथाधिनाथ ।
बैठकी वेदांतवेद्य रक्षो सुषुप्तीत शंभोनाथ ॥२४॥

मार्गात निलकंठ रक्षी गिरीत त्रिपुरारी ।
महारण्ये प्रवासे उदारशक्ती मृगव्याध तारी ॥२५॥

प्रलयंकर गर्विष्ठ रौद्र विकटहास्य ब्रह्मांडव्यापका ।
शत्रूविनाशीता वीरभद्रा रक्षी महाभयी भयांतका ॥२६॥

अश्व गज रथ कवचधारी सहस्त्रलक्ष सैन्यावरी ।
शत औक्षहिणी दुष्ट सैन्या परशुने ठार करी ॥२७॥

प्रलयांतका ज्वालांतका असुर मर्दिशी त्रिशूलाने त्रिपुरांतका ।
वाघ सिंह कोल्हा हिंस्त्र पशूस पळवी धनुर्धारी पिनाका ॥२८॥

दुःस्वप्न दु:शकुन दुर्गीते दुष्टपणा ।
दुर्भिक्ष दुर्व्यसन दुःखे नाशिसी सर्वनाशना ॥२९॥

उत्पात ताप विषभीती पीडा पापग्रह तदा ।
नाशिसी सर्व मम व्याधी जगदीशा सर्वदा ॥३०॥

 

शिव स्तोत्रे

स्तोत्रे
Chapters
शिवपंचाक्षरस्तोत्र
शिवकवच
अथ आर्तिहरस्तोत्रम्
आर्त्तत्राणस्तोत्रम्
श्रीकाशीविश्वनाथसुप्रभातम्
सभापतिस्तुतिः
दशश्लोकी स्तुति
दक्षिणामूर्तिस्तोत्र सूतसंहिता
नटराजस्तोत्रम्
नटेशनवरत्नमालिका
नटेश पञ्चरत्न स्तोत्र
नववर्णमाला
पञ्चरत्नस्तुतिः
शिवपंचाक्षरस्तोत्र
पशुपति पञ्चास्य स्तवः
प्रदोषस्तोत्रम्
भृङ्गिकृतशिवस्तोत्रं शिवरहस्ये
मृत्युञ्जय स्तोत्र
मृत्युञ्जय स्तोत्रम्
मानसोल्लास
मार्गसहायलिङ्ग स्तुतिः
रामनाथ-सुप्रभातम्
रुद्राभिषेकस्तोत्रं
शिव नीरांजनम्
यमभय निवारण स्तोत्रम्
शिवसूत्र
शिवस्तवः
शिवस्तोत्रम्
कल्किकृतं शिवस्तोत्रम्
उपमन्युकृतशिवस्तोत्रम्
शिवस्तुति लङ्केश्वरकृत
अथर्वशिरोपनिषत्
शिव स्तोत्रे महिमा
अथ शिवस्तोत्राणि
शिवकवचम्
शिवमानसपूजा
शिवमहिम्न: स्तोत्रम्
शिवभुजंगप्रयातस्तोत्रम्
शिवषडाक्षरस्तोत्रम्
शिवापराधक्षमापनस्तोत्रम्
रावणकृतशिवतांडवस्तोत्रम्
द्वादशज्योतिर्लिंङ्गस्तोत्रम्
शिवस्तुति:
पशुपत्यष्टकम्
लिंगाष्टकम्
वेदसारशिवस्तव:
विश्‍वनाथाष्टकम्
शिवनामावल्यष्टकम्
प्रदोषस्तोत्राष्टकम्
निर्वाणदशकम्
चन्द्रशेखराष्टकम्
कालभैरवाष्टकम्
असितकृतशिवस्तोत्रम्
हिमालयकृतस्तोत्रम्
शिवाष्टकम्
उमामहेश्वरस्तोत्रम्
दारिद्र्य दहन शिवस्तोत्रं
वेदसारशिवस्तोत्रम्
शम्भुस्तोत्रम्
शिवपञ्चाक्षरनक्षत्रमालास्तोत्रम्
शिवप्रातःस्मरणस्तोत्रम्
शिवरक्षास्तोत्रं
शिवमहिमस्तोत्रम्
शिवाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् ।
शिव स्तोत्रे
शिव स्तोत्रे
शिव स्तोत्रे
शिव स्तोत्रे
शिव स्तोत्रे
शिव स्तोत्रे
शिव स्तोत्रे
शिव स्तोत्रे
शिव स्तोत्रे
शिव स्तोत्रे
शिव स्तोत्रे
शिव स्तोत्रे
शिव स्तोत्रे
शिव स्तोत्रे
शिव स्तोत्रे
शिव स्तोत्रे
शिव स्तोत्रे
शिव स्तोत्रे
शिव स्तोत्रे
शिव स्तोत्रे
शिव स्तोत्रे
शिव स्तोत्रे