Android app on Google Play iPhone app Download from Windows Store

 

स्वस्थिति

बरें हें वाईट आहे माझे भाळीं । तें सुखें हो वळी जीवें माझ्या ॥१॥

आतां कोणावरी रुसों नये देवा । भोग तो भोगावा आपुलाची ॥२॥

आहे जें संचित तैसें होत जात । वाउगा वृत्तांत बोल काय ॥३॥

चोखा म्हणे आतां बहु लाज वाटे । झालें जें वोखटें कर्म माझें ॥४॥

संत चोखामेळा - अभंग संग्रह २

संत चोखामेळा
Chapters
अद्वैत
अद्वैत
अद्वैत
अद्वैत
अद्वैत
अभंग
अद्वैत
अद्वैत
अद्वैत
अद्वैत
स्वस्थिति.
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
स्वस्थिति
लावणीक ११६ वी फुढिल भाग