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आतंकवाद पर मोदी के विचार

१८ जुलाई २००६ को मोदी ने एक भाषण में आतंकवाद निरोधक अधिनियम जैसे आतंकवाद-विरोधी विधान लाने के विरूद्ध उनकी अनिच्छा को लेकर भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आलोचना की। मुंबई की उपनगरीय रेलों में हुए बम विस्फोटों के मद्देनज़र उन्होंने केंद्र सरकार से राज्यों को सख्त कानून लागू करने के लिए सशक्त करने की माँग की। उनके शब्दों में -

"आतंकवाद युद्ध से भी बदतर है। एक आतंकवादी के कोई नियम नहीं होते। एक आतंकवादी तय करता है कि कब, कैसे, कहाँ और किसको मारना है। भारत ने युद्धों की तुलना में आतंकी हमलों में अधिक लोगों को खोया है।"

नरेंद्र मोदी ने कई अवसरों पर कहा था कि यदि भाजपा केंद्र में सत्ता में आई, तो वह सन् २००४ में उच्चतम न्यायालय द्वारा अफज़ल गुरु को फाँसी दिए जाने के निर्णय का सम्मान करेगी। भारत के उच्चतम न्यायालय ने अफज़ल को २००१ में भारतीय संसद पर हुए हमले के लिए दोषी ठहराया था एवं ९ फ़रवरी २०१३ को तिहाड़ जेल में उसे फाँसी पर लटकाया गया। 

नरेन्द्र मोदी

गणित तज्ज्ञ
Chapters
नरेन्द्र दामोदरदास मोदी निजी जीवन प्रारम्भिक सक्रियता और राजनीति गुजरात के मुख्यमन्त्री के रूप में 2001-02 गुजरात के विकास की योजनाएँ मोदी का वनबन्धु विकास कार्यक्रम श्यामजीकृष्ण वर्मा की अस्थियों का भारत में संरक्षण आतंकवाद पर मोदी के विचार 2002 के गुजरात दंगे २०१४ लोकसभा चुनाव : प्रधानमन्त्री पद के उम्मीदवार लोक सभा चुनाव २०१४ में मोदी की स्थिति २०१४ लोकसभा चुनाव: परिणाम भाजपा संसदीय दल के नेता निर्वाचित वडोदरा सीट से इस्तीफ़ा दिया प्रधानमन्त्री के रूप में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपाय भारत के अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध सूचना प्रौद्योगिकी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता रक्षा नीति घरेलू नीति आमजन से जुड़ने की मोदी की पहल ग्रन्थ सम्मान और पुरस्कार