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कम आयु में विवाह

मई १८८३ में साढे १३ साल की आयु पूर्ण करते ही उनका विवाह १४ साल की कस्तूरबा माखनजी से कर दिया गया। पत्नी का पहला नाम छोटा करके कस्तूरबा कर दिया गया और उसे लोग प्यार से बा कहते थे। यह विवाह उनके माता पिता द्वारा तय किया गया व्यवस्थित बाल विवाह था जो उस समय उस क्षेत्र में प्रचलित था। लेकिन उस क्षेत्र में यही रीति थी कि किशोर दुल्हन को अपने माता पिता के घर और अपने पति से अलग अधिक समय तक रहना पड़ता था। १८८५ में जब गान्धी जी १५ वर्ष के थे तब इनकी पहली सन्तान ने जन्म लिया। लेकिन वह केवल कुछ दिन ही जीवित रही। और इसी साल उनके पिता करमचन्द गांधी भी चल बसे। मोहनदास और कस्तूरबा के चार सन्तान हुईं जो सभी पुत्र थे। हरीलाल गान्धी १८८८ में, मणिलाल गान्धी १८९२ में, रामदास गान्धी १८९७ में और देवदास गांधी १९०० में जन्मे। पोरबंदर से उन्होंने मिडिल और राजकोट से हाई स्कूल किया। दोनों परीक्षाओं में शैक्षणिक स्तर वह एक औसत छात्र रहे। मैट्रिक के बाद की परीक्षा उन्होंने भावनगर के शामलदास कॉलेज से कुछ परेशानी के साथ उत्तीर्ण की। जब तक वे वहाँ रहे अप्रसन्न ही रहे क्योंकि उनका परिवार उन्हें बैरिस्टर बनाना चाहता था।

महात्मा गांधी

सुहास
Chapters
मोहनदास करमचन्द गांधी
प्रारम्भिक जीवन
कम आयु में विवाह
विदेश में शिक्षा व विदेश में ही वकालत
दक्षिण अफ्रीका (१८९३-१९१४) में नागरिक अधिकारों के आन्दोलन
१९०६ के ज़ुलु युद्ध में भूमिका
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के लिए संघर्ष (१९१६ -१९४५)
चंपारण और खेड़ा
असहयोग आन्दोलन
स्वराज और नमक सत्याग्रह (नमक मार्च)
हरिजन आंदोलन और निश्चय दिवस
द्वितीय विश्व युद्ध और भारत छोड़ो आन्दोलन
स्वतंत्रता और भारत का विभाजन
मैनचेस्टर गार्जियन, १८ फरवरी, १९४८, की गलियों से ले जाते हुआ दिखाया गया था।
गांधी के सिद्धांत
लेखन कार्य एवं प्रकाशन
प्रमुख प्रकाशित पुस्तकें
कथित समलैंगिक प्रेम संबंध
गांधी और कालेनबाख