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प्रारम्भिक जीवन


सन् १८७६ में खींचा गया गान्धी के बचपन का चित्र जब उनकी आयु ७ वर्ष की रही होगी

मोहनदास करमचन्द गान्धी का जन्म पश्चिमी भारत में वर्तमान गुजरात के एक तटीय शहर पोरबंदर नामक स्थान पर २ अक्टूबर सन् १८६९ को हुआ था। उनके पिता करमचन्द गान्धी सनातन धर्म की पंसारी जाति से सम्बन्ध रखते थे और ब्रिटिश राज के समय काठियावाड़ की एक छोटी सी रियासत (पोरबंदर) के दीवान अर्थात् प्रधान मन्त्री थे। गुजराती भाषा में गान्धी का अर्थ है पंसारी जबकि हिन्दी भाषा में गन्धी का अर्थ है इत्र फुलेल बेचने वाला जिसे अंग्रेजी में परफ्यूमर कहा जाता है। उनकी माता पुतलीबाई परनामी वैश्य समुदाय की थीं। पुतलीबाई करमचन्द की चौथी पत्नी थी। उनकी पहली तीन पत्नियाँ प्रसव के समय मर गयीं थीं। भक्ति करने वाली माता की देखरेख और उस क्षेत्र की जैन परम्पराओं के कारण युवा मोहनदास पर वे प्रभाव प्रारम्भ में ही पड़ गये थे जिन्होंने आगे चलकर उनके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। इन प्रभावों में शामिल थे दुर्बलों में जोश की भावना, शाकाहारी जीवन, आत्मशुद्धि के लिये उपवास तथा विभिन्न जातियों के लोगों के बीच सहिष्णुता।

महात्मा गांधी

सुहास
Chapters
मोहनदास करमचन्द गांधी
प्रारम्भिक जीवन
कम आयु में विवाह
विदेश में शिक्षा व विदेश में ही वकालत
दक्षिण अफ्रीका (१८९३-१९१४) में नागरिक अधिकारों के आन्दोलन
१९०६ के ज़ुलु युद्ध में भूमिका
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के लिए संघर्ष (१९१६ -१९४५)
चंपारण और खेड़ा
असहयोग आन्दोलन
स्वराज और नमक सत्याग्रह (नमक मार्च)
हरिजन आंदोलन और निश्चय दिवस
द्वितीय विश्व युद्ध और भारत छोड़ो आन्दोलन
स्वतंत्रता और भारत का विभाजन
मैनचेस्टर गार्जियन, १८ फरवरी, १९४८, की गलियों से ले जाते हुआ दिखाया गया था।
गांधी के सिद्धांत
लेखन कार्य एवं प्रकाशन
प्रमुख प्रकाशित पुस्तकें
कथित समलैंगिक प्रेम संबंध
गांधी और कालेनबाख