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परशुराम का कर्ण को श्राप

महाभारत के अनुसार परशुराम भगवान विष्णु के ही अंशावतार थे। सूर्यपुत्र कर्ण उन्हीं का शिष्य था। कर्ण ने परशुराम को अपना परिचय एक सूतपुत्र के रूप में दिया था। एक बार जब परशुराम कर्ण की गोद में सिर रखकर सो रहे थे, उसी समय कर्ण को एक भयंकर कीड़े ने काट लिया। गुरु की नींद में विघ्न न आए, ये सोचकर कर्ण दर्द सहते रहे, लेकिन उन्होंने परशुराम को नींद से नहीं उठाया।

नींद से उठने पर जब परशुराम ने ये देखा तो वे समझ गए कि कर्ण सूतपुत्र नहीं बल्कि क्षत्रिय है। तब क्रोधित होकर परशुराम ने कर्ण को श्राप दिया कि सिखाई हुई शस्त्र विद्या जब कर्ण को सबसे अधिक आवश्यकता होगी, उस समय ही उस विद्या को वह भूल जायेंगे |

पुराणों के सबसे प्रसिद्द श्राप

हिंदी संपादक (विशेष लेखन)
Chapters
भूमिका
युधिष्ठिर का स्त्री जाति को श्राप
ऋषि किंदम का राजा पांडु को श्राप
माण्डव्य ऋषि का यमराज को श्राप
नंदी का रावण को श्राप
कद्रू का अपने पुत्रों को श्राप
उर्वशी का अर्जुन को श्राप
तुलसी का भगवान विष्णु को श्राप
श्रृंगी ऋषि का परीक्षित को श्राप
राजा अनरण्य का रावण को श्राप
परशुराम का कर्ण को श्राप
तपस्विनी का रावण को श्राप
गांधारी का श्रीकृष्ण को श्राप
महर्षि वशिष्ठ का वसुओं को श्राप
शूर्पणखा का रावण को श्राप
ऋषियों का साम्ब को श्राप
दक्ष का चंद्रमा को श्राप
माया का रावण को श्राप
शुक्राचार्य का राजा ययाति को श्राप
ब्राह्मण दंपत्ति का राजा दशरथ को श्राप
नंदी का ब्राह्मण कुल को श्राप
नलकुबेर का रावण को श्राप
श्रीकृष्ण का अश्वत्थामा को श्राप
तुलसी का श्रीगणेश को श्राप
नारद का भगवान विष्णु को श्राप
गौतम का इंद्र और अहिल्या को श्राप