Android app on Google Play iPhone app Download from Windows Store

 

लाल बहादुर शास्त्री

राजीव दीक्षित की तरह ही शास्त्री जी की भी रहस्यमयी परिस्थितियों में दिल के दौरे से मौत हो गयी थी | ताशकेंट रूस में उस समय दो बजे थे और उनकी मौत ताशकेंट घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करने के ठीक एक दिन बाद हो गयी थी | वह देश के पहले प्रधान मंत्री थे जिनकी विदेश में मौत हुई थी इसलिए सब लोगों को उनकी मौत पर शक हुआ |

 इसके इलावा उनके भी शव का परिक्षण नहीं हुआ और खबरें आने लगीं की उनकी मौत ज़हर देने से हुई थी | कई सालों बाद जॉर्ज क्रोव्ले एक पत्रकार ने अपनी किताब “कन्वर्सेशनस विथ द क्रो” में दावा किया की सी आई ऐ लाल बहादुर शास्त्री की ताशकेंट में मौत के लिए ज़िम्मेदार था |

क्रोव्ले ने बताया की अमेरिका भारत खास तौर से लाल बहादुर शास्त्री के परमाणु नीतियों पर रवैये से डर गया था | ये घटना आज तक भी एक रहस्य बना हुआ है |