Android app on Google Play iPhone app Download from Windows Store

 

मेड्कों की शादी

हमारे देश में मई और जून सबसे गरम महीने रहते हैं जब तापमान ४० से ४५ डिग्री तक रहता है | इस समय में लोगों को मानसून के आने की चाहत रहती है |पर मानसून कई बार आने में देरी कर देता है |

ऐसे समय पर मेड्कों की शादी की जाती है ताकि भगवान् आम इंसानों को बारिश का आशीर्वाद दें | मेड्कों की शादी इस बात का भी प्रतीक है की बारिश में मेढक बाहर आ कर भगवान् इंद्र का स्वागत करेंगे | 

 ये शादी इसलिए आयोजित की जाती हैं ताकि मेढक टरटर की आवाज़ करें जिससे इंद्र डेव के साथ बारिश भी धरती पर प्रकट हो | मेढक का टरटर करना बारिश के आने की निशानी है | इसलिए ये शादी बारिश करवा सकती है |