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शनि यंत्र विधान

 


शनि यंत्र

शनि यंत्र को सिद्ध करके घर में स्थापित करने से हर प्रकार का शनि दोष दूर होने लगता है और साथ ही शनि देव की कृपा भी प्राप्त होने लगती है | कुम्भ और मकर राशी के स्वामी गृह शनि देव है और वे अपनी राशी में थोड़े कमजोर होते है इसलिए कुम्भ और मकर राशी के जातकों को सिद्ध शनि यंत्र घर में स्थापित कर उसकी पूजा अवश्य करनी चाहिए | जिस जातक की कुंडली में लग्न में शनि है उन्हें भी शनि यंत्र द्वारा शनि आराधना करनी चाहिए | जो जातक शनि की साढ़े साती और ढईया से परेशान है उन्हें भी सिद्ध शनि यंत्र द्वारा लाभ अवश्य प्राप्त होता है | इन सबके अतिरिक्त जीवन में जब हर तरफ से दुःख और पीड़ाएं आने लगें तो ऐसे में शनि आराधना करने से लाभ अवश्य मिलता है|

 

शनि देव 2

संकलित
Chapters
भारत में तीन चमत्कारिक शनि सिद्ध पीठ
महाराष्ट्र का शिंगणापुर गांव का सिद्ध पीठ
मध्यप्रदेश के ग्वालियर के पास शनिश्चरा मन्दिर
उत्तर प्रदेश के कोशी के पास कौकिला वन में सिद्ध शनि देव का मन्दिर
शनि की साढे साती
शनि परमकल्याण की तरफ़ भेजता है
काशी में शनिदेव ने तपस्या करने के बाद ग्रहत्व प्राप्त किया था
शनि मंत्र
शनि बीज मन्त्र
शनि अष्टोत्तरशतनामावली
शनि स्तोत्रम्
शनि चालीसा
शनिवज्रपञ्जर-कवचम्
शनि संबंधी रोग
शनि यंत्र विधान
शनि के रत्न और उपरत्न
शनि की जुड़ी बूटियां
शनि सम्बन्धी व्यापार और नौकरी
शनि सम्बन्धी दान पुण्य
शनि सम्बन्धी वस्तुओं की दानोपचार विधि
शनि ग्रह के द्वारा परेशान करने का कारण
शनि मंत्र