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माया का रावण को श्राप

 

रावण ने अपनी पत्नी की बड़ी बहन माया के साथ भी छल किया था। माया के पति वैजयंतपुर के शंभर राजा थे। एक दिन रावण शंभर के यहां गया। वहां रावण ने माया को अपनी बातों में फंसा लिया। इस बात का पता लगते ही शंभर ने रावण को बंदी बना लिया। उसी समय शंभर पर राजा दशरथ ने आक्रमण कर दिया।
इस युद्ध में शंभर की मृत्यु हो गई। जब माया सती होने लगी तो रावण ने उसे अपने साथ चलने को कहा। तब माया ने कहा कि तुमने वासना युक्त होकर मेरा सतित्व भंग करने का प्रयास किया। इसलिए मेरे पति की मृत्यु हो गई, अत: तुम्हारी मृत्यु भी इसी कारण होगी।

 

पुराणों के सबसे प्रसिद्द श्राप

हिंदी संपादक (विशेष लेखन)
Chapters
भूमिका
युधिष्ठिर का स्त्री जाति को श्राप
ऋषि किंदम का राजा पांडु को श्राप
माण्डव्य ऋषि का यमराज को श्राप
नंदी का रावण को श्राप
कद्रू का अपने पुत्रों को श्राप
उर्वशी का अर्जुन को श्राप
तुलसी का भगवान विष्णु को श्राप
श्रृंगी ऋषि का परीक्षित को श्राप
राजा अनरण्य का रावण को श्राप
परशुराम का कर्ण को श्राप
तपस्विनी का रावण को श्राप
गांधारी का श्रीकृष्ण को श्राप
महर्षि वशिष्ठ का वसुओं को श्राप
शूर्पणखा का रावण को श्राप
ऋषियों का साम्ब को श्राप
दक्ष का चंद्रमा को श्राप
माया का रावण को श्राप
शुक्राचार्य का राजा ययाति को श्राप
ब्राह्मण दंपत्ति का राजा दशरथ को श्राप
नंदी का ब्राह्मण कुल को श्राप
नलकुबेर का रावण को श्राप
श्रीकृष्ण का अश्वत्थामा को श्राप
तुलसी का श्रीगणेश को श्राप
नारद का भगवान विष्णु को श्राप
गौतम का इंद्र और अहिल्या को श्राप