A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: fopen(/tmp/ci_sessioncvtb57uq939r0l66cdgcfmiinae0e6nn): failed to open stream: No such file or directory

Filename: drivers/Session_files_driver.php

Line Number: 172

Backtrace:

File: /var/www/bookstruck/application/controllers/Book.php
Line: 14
Function: __construct

File: /var/www/bookstruck/index.php
Line: 317
Function: require_once

A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: session_start(): Failed to read session data: user (path: /tmp)

Filename: Session/Session.php

Line Number: 143

Backtrace:

File: /var/www/bookstruck/application/controllers/Book.php
Line: 14
Function: __construct

File: /var/www/bookstruck/index.php
Line: 317
Function: require_once

शनि शिंगणापुर का महात्मय | स्वयंभू की कहानी | Marathi stories | Hindi Stories | Gujarati Stories

Android app on Google Play

 

स्वयंभू की कहानी

स्वयंभू की कहानी कुछ इस प्रकार है | जब चरवाहे ने पत्थर को लकड़ी से छुआ तो पत्थर से खून निकलने लगा | चरवाहे हैरान रह गए | उसी रात शनिश्वर भगवान सबसे धार्मिक चरवाहे के सपने में आये |उन्होनें चरवाहे को बताया की वह शनिश्वर हैं और ये उनका स्वयंभू रूप है | चरवाहे ने पुछा की क्या वह उनके लिए मंदिर का निर्माण करवाए तो भगवान ने कहा की छत की ज़रुरत नहीं है क्यूंकि वह खुले आसमान में रहना चाहते है | उन्होनें चरवाहे से रोज़ पूजा और शनिवार को तैलाभिषेक करने को कहा | उन्होनें कहा की पूरे गाँव को चोरों और डकैतों से डरने की ज़रुरत नहीं है |