Android app on Google Play iPhone app Download from Windows Store

 

ईसा मसीह पर श्रीकृष्ण और बुद्ध का प्रभाव

वैसे तो यह अभी भी शोध का विषय है। फिर भी अब तक जितने भी लोगों ने इस पर शोध किया उनका कहना यही है कि ईसा मसीह ने भारत का भ्रमण किया था और वे कश्मीर से लेकर जगन्नाथ मंदिर तक गए थे।
 
उन्होंने कश्मीर के एक बौद्ध मठ में रहकर ध्यान साधना की थी। यहीं पर उनकी एक समाधि भी है। शोधकर्ता मानते हैं कि श्रीकृष्ण का ईसा मसीह के जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ा। उनके जन्म की कथा भी श्रीकृष्ण के जन्म की कथा से कुछ-कुछ मिलती जुलती है।
 
ईस जेकोलियत ने 1869 ई. में अपनी एक पुस्तक 'द बाइबिल इन इंडिया'  में लिखा है कि जीसस क्रिस्ट और भगवान श्रीकृष्ण एक ही  थे। लुईस जेकोलियत फ्रांस के एक साहित्यकार और वकील थे। इन्होंने अपनी पुस्तक में कृष्ण और क्राइस्ट पर एक तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत किया है। 'जीसस' शब्द के विषय में लुईस ने कहा है कि क्राइस्ट को 'जीसस' नाम भी उनके अनुयायियों ने दिया है। इसका संस्कृत में अर्थ होता है 'मूल तत्व'।