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कृष्ण की मोजूदगी के प्रमाण

खुगोल्शास्त्री डॉ  नरहरी  अचर  ने अपने विश्लेषण से ये ज़ाहिर किया है की महाभारत का युद्ध ३०६७ बी सी में हुआ था |इस सब विश्लेषण के आधार पर उन्होनें महाभारत की मुख्य घटनाओं का आंकलन ऐसे किया है |

कृष्ण हस्तिनापुर पहुँचते हैं –२८ सितम्बर ३०६७  

चन्द्र ग्रहण –२९ सितम्बर , ३०६७ बी सी 

कृष्ण कर्ण के साथ सवारी करते हैं –८ अक्टूबर , ३०६७ 

सूर्य ग्रहण -१४ अक्टूबर ३०६७ 

लड़ाई की शुरुआत – २२ नवम्बर ३०६७ बी सी 

बलराम की वापसी – १२ दिसम्बर ३०६७ 

शीतकालीन अयनांत –१३ जनवरी ३०६६ 

भीष्म की मौत – 17 जनवरी ३०६६ बी सी 


श्री कृष्ण का जाना – ३०३१ बी सी  

वेदव्यास का ग्रन्थ लिखने का समय – ३००० बी सी 

सरस्वती का लुप्त होने के समय – १९०० बी सी 


अन्य सुराग जो कृष्ण के होने की पुष्टि करते हैं वह हैं २६०० बी सी की एक शिला जो मोहेंजो दारो में मिली थी और जिसमें श्री कृष्ण के बचपन के दिनों की तसवीरें बनी हैं |कई ग्रीक यात्रियों ने भी कृष्ण के होने की बात अपनी किताबों में लिखी हैं | ग्रीक बयानों के मुताबिक कृष्ण एलेग्जेंडर के समय से १३८ साल पूर्व रहते थे जो की ३०९० बी सी के आस पास का वक़्त बनता है |जी की वह सही समय है जब कलि युग की शुरुआत हुई थी | इसलिए श्री कृष्ण एक इतिहासिक हस्ती थे जो ३२०० -३१०० बी सी के बीच में रहते थे और जो  १२५ साल की उम्र में ख़तम हुए थे |