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क्या नवजातों की जांच होनी चाहिए ?

वायरस की वजह से और भी जन्म दोष हो सकते हैं |
फ़ेडरल स्वास्थ्य अधिकारी कहते हैं की अगर उनकी माँ ने प्रभावित देश की यात्रा की है या वहां रही है या फिर माँ की जांच सकरात्मक आई थी तो ऐसे नवजातों की ज़ीका वायरस के लिए जांच होनी चाहिए |
साक्षात्कार में अधिकारीयों ने बताया की माइक्रोसेफेली के इलावा भी वायरस की वजह से बच्चे में अन्य दोष के साथ  नज़र और सुनने में तकलीफ  हो सकती है | बाकी के दोषों के लिए और परिक्षण और जांच की ज़रुरत होगी  | 
ये नए निर्देश उन नवजातों के लिए हैं जिनकी माँ में  प्रचलन वाले देश में रहने की वजह से या ऐसे  देश की यात्रा के  दो हफ्ते बाद ज़ीका वायरस संक्रमण के लक्षण- धब्बे , जोड़ों का दर्द, लाल आँखें और बुखार - देखे गए थे |

ज़ीका वायरस - कुछ महत्वपूर्ण सवाल और उनके जवाब

Shivam
Chapters
भूमिका
ज़ीका वायरस क्या है ?
ये वायरस कैसे फैलता है ?
कैसे ज़ीका नवजातों के दिमाग को क्षति पहुंचाता है ?
माइक्रोसीफेली क्या है?
कौन कौन से देशों में गर्भवती महिलाओं को नहीं जाना चाहिए?
कैसे पता चले की में संक्रमित हूँ? क्या कोई टेस्ट मोजूद है ये पता करने के लिए ?
में गर्भवती हूँ और हाल ही में एक ज़ीका संक्रमित देश की यात्रा से लौटी हूँ ?अब मैं क्या करूं?
मैं प्रसव उम्र की हूँ लेकिन न तो गर्भवती हूँ न ही गर्भ धारण करने का कोई इरादा है?क्या में इन देशों की यात्रा पर जा सकती हूँ ?
मैं अब गर्भवती हूँ पर तब नहीं थी जब प्रचलन वाले देश गयी थी ? बीमारी की सम्भावना कितनी है ?
क्या इस बात से फर्क पड़ता है की औरत को गर्भ के कौन से समय में संक्रमण हुआ?
क्या नवजातों की जांच होनी चाहिए ?
क्या कोई इलाज है ?
क्या कोई टीका है ? लोग अपनी सुरक्षा कैसे करें?
अगर ज़ीका वायरस सालों से एशिया और अफ्रीका में मोजूद था तो उसका और माइक्रोसीफेली का सम्बन्ध पहले क्यूँ नहीं सामने आया?
क्या ब्राज़ील के बाहर किसी ज़ीका वायरस के प्रकोप को माइक्रोसीफेली से जोड़ा गया है?