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पुलिस की दुविधा


पुलिस के सैनिक हों या नै नवेली दुल्हनें उस रास्ते से भी जाता वह वापस नहीं आता और न ही उसकी कभी लाश मिलती थी | जब पुलिस की फाइल ऐसे केस से बढ़ने लगी तो पुलिस ने ये फरमान जारी किया की कोई भी पुलिस की टुकड़ी अकेले यात्रा नहीं करेगी | और न ही कोई भी ज्यादा नकदी लेकर उस रास्ते से कहीं भी जायेगा |पुलिस की सबसे बड़ी मजबूरी थी लाश का न मिलना | अगर लाश मिल जाती तो पुलिस को तफ्तीश करने में आसानी होती |
सन 1809 में आख़िरकार सरकार ने इंग्लैंड से आये अफसर कैप्टन विलियम स्लीमैन को इन खोये हुए लोगों का रहस्य पता करने का काम सौंपा |कुछ ही दिनों में स्लीमैन को पता चला गया की आखिर इतने लोगों के गायब होने के पीछे किसका हाथ है | सच चौकाने वाला था | ये था ठगों का एक गिरोह जिसमें थे करीब 200 सदस्य | ये लोग अपने सरदार ठग बेहराम के साथ घोड़ों पर सड़कों पर घूमते रहते थे | वह अक्सर ऐसे लोगों को अपना शिकार बनाते थे जिनके पास बहुत पैसा होता था जैसे व्यापारी , वेश्याएं और अमीर सेठ |