Android app on Google Play iPhone app Download from Windows Store

 

औरतों का सम्बन्ध

४०० साल पुराणी प्रथा के मुताबिक औरतें अन्दर के मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकती थी | २६ जनवरी २०१६ को समाज सेविका तृप्ति देसाई के नेतृत्व में  करीब ५०० औरतें अन्दर के मंदिर में प्रवेश पाने हेतु वहां पहुंची | पुलिस ने उनका रास्ता रोका | ३० मार्च २०१६ को एक एतिहासिक फैसले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को आदेश दिए की वह औरतों के प्रवेश पर प्रतिबन्ध  न लगायें |

८ अप्रैल २०१६ को शनि शिन्ग्नापुर ट्रस्ट ने औरतों को अन्दर के मंदिर में प्रवेश करने की इजाज़त दी |