तारकासुर
तारकासुर असुरों में सबसे शक्तिशाली असुर था। उसके अत्याचारों से सभी देवी-देवता परेशान हो गए थे। सभी ने ब्रह्माजी की शरण ली। ब्रह्माजी ने कहा कि शिवजी से प्रार्थना करो, क्योंकि शिव-पार्वती का पुत्र ही तारकासुर का वध कर सकता है।लेकिन उस वक्त शिवजी गहन समाधि में थे। उनकी समाधि तोड़ने की कौन हिम्मत कर सकता था। उनकी समाधि तोड़ना भी जरूरी थी, क्योंकि उनकी समाधि टूटने के बाद ही शिव-पार्वती का मिलन हो पता और फिर उनसे जो पुत्र उत्पन्न होता, वह देवताओं का सेनापति बनता।