गंधर्व और अप्सरा
गंधर्वों की उत्पत्ति कश्यप पत्नी अरिष्टा से हुई। हिमालय के उत्तर में देवलोक के पास ही गंधर्व लोक की स्थिति बनाई गई है। भारतीय पुराणों में यक्षों, गंधर्वों और अप्सराओं का जिक्र आता रहा है। यक्ष, गंधर्व और अप्सराएं देवताओं की इतर श्रेणी में माने गए हैं। कहते हैं कि इन्द्र ने 108 ऋचाओं की रचना कर अप्सराओं को प्रकट किया। मंदिरों के कोने-कोने में आकर्षक मुद्रा में अंकित अप्सराओं की मूर्तियां सुंदर देहयष्टि और भाव-भंगिमाओं से ध्यान अपनी ओर खींच लेती हैं।