नाग जाति

: नाग जाति के लोगों को वैसे पाताल का वासी माना जाता है। धरती पर ही सात पातालों का वर्णन हमें पुराणों में मिलता है। ये सात पाताल है- अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल और पाताल। सुतल नामक पाताल में कश्यप की पत्नी कद्रू से उत्पन्न हुए अनेक सिरों वाले सर्पों का 'क्रोधवश' नामक एक समुदाय रहता है। उनमें कहुक, तक्षक, कालिया और सुषेण आदि प्रधान नाग हैं।