भूमिका

वर्तमान समय में वर्ण (रंग) को भी जाति ही समझा जाता है। किताबों में  जाति शब्द को कई अन्य शब्दों से मिल करके दर्शाया जाता है जिसके चलते समाज में एक भ्रम की स्थिति पैदा हो गयी है। आजकल जाति कहने से जातिवाद समझ में आता है, लेकिन इस लेख में हम  उस तरह की जाति की बात नहीं कर रहे हैं जो वर्तमान में प्रचलित है।