भीष्म की प्रतिज्ञा

भीष्म की  प्रतिज्ञा के कारण हस्तिनापुर का भाग्य बदल गया। गंगा और शांतनु के पुत्र भीष्म कुरुवंश के अंतिम कौरव थे। दरअसल, कथा ऐसी है कि एक दिन देवव्रत (भीष्म) के पिता शांतनु यमुना के तट पर घूम रहे थे कि उन्हें नदी में नाव चलाते हुए एक सुन्दर कन्या नजर आई। शांतनु उस कन्या पर मुग्ध हो गए। महाराजा ने उसके पास जाकर उससे पूछा, 'हे देवी तुम कौन हो?' उसने कहा, 'महाराजा मेरा नाम सत्यवती है और में निषाद कन्या हूं।'