भूमिका
शिव, राम, कृष्ण, महावीर, बुद्ध और नानक के बिना भारत उस शरीर की तरह है जिसकी कोई आत्मा नहीं। सिर्फ एक राम को निकाल देने से भारत का संपूर्ण धर्म और संस्कृति मरुस्थल की तरह ही हो जाता है। यही कारण है कि पिछले कई सालों से प्रभु श्रीराम और उनसे जुड़े सत्यों पर लगातार हमले होते रहे हैं ।