क्यों है भगवान शंकर का वाहन बैल ?

भगवान शंकर का वाहन नंदी यानी बैल है। बैल बहुत ही मेहनती प्राणी होता है। वह जितना शक्तिशाली होता है उतना ही शांत एवं भोला होता है। वैसे ही भगवान शिव भी परमयोगी एवं शक्तिशाली होते हुए भी परम शांत एवं इतने भोले हैं कि उनका एक नाम ही भोलेनाथ पड़ गया है। भगवान शंकर ने जिस तरह काम को भस्म कर उस पर विजय प्राप्त की थी, उसी तरह उनका वाहन भी कभी कामी नही होता। उसका काम पर पूरा नियंत्रण होता है।