भूमिका

25 दिसम्बर १९१० एक दूरदर्शी ने हॉल ऑफ़ अमेरिका इंडिया पिक्चर पैलेस में कदम रखा जहाँ उसने देखी  फिल्म ‘द लाइफ ऑफ़ क्राइस्ट’ | निकलते समय उसने भारतीय फिल्म उद्योग के विकास के मुद्दे को ध्यान में रखा | ये आदमी था “दादासाहेब फाल्के” | उनकी बीवी ने अगर उस समय अपने पति को अपने जेवर नहीं दिए होते तो २००६ में अमिताभ बच्चन तिरुपति बालाजी पर ९ करोड़ का हार नहीं चड़ा पाते |