परस्पर संवादात्मक व्यक्तित्व प्रकार

वह भूत जो जीवित जगत से बात कर सकते हैं उन्हें परस्पर संवादात्मक व्यक्तित्व प्रकार का माना जाता है | अक्सर ये भूत देखने वाले का कोई मरा हुआ दोस्त या रिश्तेदार होता है पर कई बार वह एक अनजान व्यक्ति का भूत भी हो सकता है | वह बुद्धिमान और जानकार मालूम होते हैं और जीवित दुनिया के वक़्त और अन्तराल के मुताबिक बातचीत कर लेते हैं | उनका  रूप, दृश्य श्रव्य या टेलिपाथिक हो सकता है। कई घटनाओं में वह जीवित दुनिया में लोगों और वस्तुओं को स्पर्श कर सकते हैं |