← Back
गठ बंधन
by कहानीबाज
ब्रह्मा जि जो विवाह की गांठ स्वर्ग मे बांधते है की वह गांठ साक्षात पृथ्वीपर कैसे काम करती है?? क्या सच्मे अपने विवाह की गांठ स्वगर मी बंटी है?? क्या हम कभी यह होनी को टाल सकते है?? इसके इर्त गीर्त घुमती है...!