एकलिंगजी
by वीरभद्र
सबसे बड़ी धजा वाले मन्दिरों पर धजा चढाने का भी पूरा संस्कार है। यदि इन धजाओं का ही अध्ययन किया जाय तो ऐसी बहुत सी सामग्री हाथ लग सकती है जो धजा परम्परा और उनके जुड़े देवता का रोचक इतिहास ही प्रस्तुत कर दे। धजाओं के विविध रंग, उनके आकार- प्रकार उनकी साज-सज्जा, उन पर लगे धगे विविध कलात्मक चित्र प्रतीक बड़ा रोचक दास्तान देते है।