Bookstruck
Cover of दुष्यन्त और शकुन्तला

दुष्यन्त और शकुन्तला

by वीरभद्र

शकुन्तला ने अपने जन्म की सम्पूर्ण कथा राजा दुष्यन्त को बता देती थी। उसकी सुंदरता देखकर दुष्यन्त ने उससे गान्धर्व विवाह करने का प्रस्ताव दिया। शकुन्तला और राजा दुष्यन्त स्वेच्छा से गान्धर्व विवाह के बाद वह थोडे दिन आश्रम में रहे| जब वह अपनी राजधानी चाले गये उसके बाद शकुन्तला कि जिन्दगी का विवरण किया है|

Chapters

Related Books

Cover of हिंदी आरती संग्रह

हिंदी आरती संग्रह

by संकलित

Cover of कहानियाँ

कहानियाँ

by शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय

Cover of श्रीकान्त

श्रीकान्त

by शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय

Cover of पथ के दावेदार

पथ के दावेदार

by शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय

Cover of मानसरोवर

मानसरोवर

by प्रेमचंद

Cover of गोदान

गोदान

by प्रेमचंद

Cover of वरदान

वरदान

by प्रेमचंद

Cover of मंगलसूत्र

मंगलसूत्र

by प्रेमचंद

Cover of प्रेमचन्द की रचनाएँ

प्रेमचन्द की रचनाएँ

by प्रेमचंद

Cover of प्रेमा

प्रेमा

by प्रेमचंद