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Cover of भजन

भजन

by संकलित

भजन

Chapters

आवो भाई सब मिल बोलो → हे पिंजरे की ये मैना → हरी नाम सुमर सुखधाम → भज ले क्यूँ न राधे कृष्णा → दिन नीके बीते जाते हैं → राम गुण गायो नहीं → लेल्योजी लेल्योजी थे → श्रीवृन्दावन-धाम अपार → बोलो राम राम राम राम → बोल हरि बोल, हरि हरि → तेरी पार करैगो नैया → सीताराम सीताराम सीताराम → रे मन-प्रति-स्वाँस पुकार यही → गोविन्द जय-जय गोपाल जय-जय → जग असार में सार रसना → तेरी बन जैहैं गोविन्द → भजता क्यूँ ना रे हरिन → भजो रे मन राम-नाम → तू राम भजन कर प्राणी → सोइ रसना, जो हरि-गुन गावैं → चाहता जो परम सुख तूँ → राम कहो राम कहो राम → जाउँ कहाँ तजि चरन तुम → प्यारे! जरा तो मन में → हरे राम हरे राम राम → सुरता राम भजाँ सुख पाओ → मीठी रस से भरी → तुम उठो सिया सिंगार करो → श्री गणेश वंदना → गणपति गणेश → आओ रामा भोग लगाओ श्यामा → चालो रे सखियाँ चलो → गाइए गणपति जग वंदन → बीत गये दिन → जब से लगन लगी प्रभु तेरी → भगवान मेरी नैया → शरण में आये हैं → सुर की गति मैं → हर सांस में हर बोल में → प्रभु को बिसार → पितु मातु सहायक स्वामी → रे मन हरि सुमिरन करि लीजै → श्याम आये नैनों में → तुम मेरी राखो लाज हरि → अंखियाँ हरि दरसन की प्यासी → नाच्यो बहुत गोपाल → प्रभु तेरो नाम → हरि, पतित पावन सुने → दीनबन्धु दीनानाथ, मेरी तन हेरिये → हे गोविन्द राखो शरन → हमें नन्द नन्दन मोल लियो → राधा रास बिहारी मोरे मन में आन समाये → हे रोम रोम में → राम सुमिर राम सुमिर → जय राम रमारमनं शमनं → सर्व शक्तिमते परमात्मने → आराध्य श्रीराम → मनवा मेरा कब से प्यासा → जागो बंसीवारे ललना → दुखियों के दुख दूर करे → मुकुन्द माधव गोविन्द → आओ आओ यशोदा के लाल → कन्हैया कन्हैया तुझे आना पड़ेगा → करुणा भरी पुकार सुन → प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर → सुख-वरण प्रभु, नारायण → कविता कोश विशेष क्यों है? कविता कोश परिवार Roman सीताराम, सीताराम, सीताराम कहिये → सखिन्ह मध्य सिय सोहति कैसे → राम करे सो होय रे मनवा → हरि भजन बिना सुख शान्ति नहीं → परसत पद पावन → जय जय गिरिबरराज किसोरी → पात भरी सहरी → कौशल्या रानी अपने लला को दुलरावे → दूलह राम सीय दुलही री → पुनि पुनि सीय गोद करि लेहीं → रघुवर की सुधि आई → गुरु बिन कौन सम्हारे → गुरु चरनन में ध्यान लगाऊं → गुरु आज्ञा में निश दिन रहिये → शुभ दिन प्रथम गणेश मनाओ → गणपति बप्पा की जय बोलो → राम दो निज चरणों में स्थान → राम राम काहे ना बोले → अब कृपा करो श्री राम नाथ दुख टारो → दाता राम दिये ही जाता → भज मन मेरे राम नाम तू → राम बिराजो हृदय भवन में → रामहि राम बस रामहि राम → राम बोलो राम → हरि तुम हरो जन की भीर → राम बिनु तन को → घूँघट का पट खोल रे → नारायण जिनके हिरदय में → गुरु चरनन मे शीश झुकाले → मेरे मन मन्दिर मे राम बिराजे → अमृत वाणी → रघुबर तुमको मेरी लाज → नाम जपन क्यों छोड़ दिया → यही वर दो मेरे राम → रोम रोम में रमा हुआ है → हरि हरि हरि हरि सुमिरन करो → नमामि अम्बे दीन वत्सले → श्री राधा कृष्णाय नमः → राधे राधे → आनन्दमयी माँ → पाई न केहिं गति → नवधा भक्ति → राधे रानी की जय → प्रात पुनीत काल प्रभु जागे → नंद बाबाजी को छैया → बधैया बाजे आंगने में बधैया बाजे → बंशी बजाके श्यामने → बनवारी रे जीने का सहारा तेरा नाम रे → बोले बोले रे राम चिरैया रे → दरशन दीजो आय प्यारे → दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी अँखियाँ प्यासी रे → गौरीनंदन गजानना हे दुःखभंजन गजानना → हारिये न हिम्मत बिसारिये न राम → हे जगत्राता विश्वविधाता → हमको मनकी शक्ति देना → जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को → जानकी नाथ सहाय करें → ज्योत से ज्योत जगाते चलो → मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ → मन लाग्यो मेरो यार फ़कीरी में → मेरा राम सब दुखियों का सहारा है → मेरे मन में हैं राम मेरे तन में है राम → नैन हीन को राह दिखा प्रभु → नैया पड़ी मंझधार गुरु बिन कैसे लागे पार → न मैं धन चाहूँ, न रतन चाहूँ → पढ़ो पोथी में राम लिखो तख्ती पे राम → पायो जी मैंने राम रतन धन पायो → प्रभु हम पे कृपा करना → प्रेम मुदित मन से कहो राम राम राम → रघुकुल प्रगटे हैं रघुबीर → रघुपति राघव राजा राम → ठुमक चलत रामचंद्र बाजत पैंजनियां → भज मन राम चरण सुखदाई → राम झरोखे बैठ के सब का मुजरा लेत → राम नाम रस पीजे → राम राम राम राम राम राम रट रे → राम से बड़ा राम का नाम → रंगवाले देर क्या है → शंकर शिव शम्भु साधु → श्रीरामचन्द्र कृपालु भजु मन → तेरा रामजी करेंगे बेड़ा पार → तेरे दर को छोड़ के किस दर जाऊं मैं → तू ही बन जा मेरा मांझी → तुम्ही हो माता पिता तुम्ही हो → तुम तजि और कौन पै जाऊं → उद्धार करो भगवान → वैश्णव जन तो तेने कहिये जे → छोटी छोटी गैयाँ, छोटे छोटे ग्वाल → वीर हनुमाना अति बलवाना → मिलता है सच्चा सुख केवल भगवान तुम्हारे चरणों मे → उठ जाग मुसाफिर भोर भई → भगवान तुम्हारे मन्दिर में... → राधे तू राधे → कभी राम बनके कभी श्याम बनके → महियारी का भेष बनाया → भजो राधे गोविंदा →

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