फिर हुआ वक़्त कि हो बाल कुशा मौजे-शराब

फिर हुआ वक़्त कि हो बालकुशा[1]मौजे-शराब[2]
दे बते मय[3]को दिल-ओ-दस्ते शना[4] मौजे-शराब

पूछ मत वजहे-सियहमस्ती[5]-ए-अरबाबे-चमन[6]
साया-ए-ताक[7] में होती है हवा मौजे-शराब

है ये बरसात वो मौसम कि अजब क्या है अगर
मौजे-हस्ती[8] को करे फ़ैज़े-हवा[9] मौजे शराब

जिस क़दर रूहे-नबाती[10] है जिगर तश्ना-ए-नाज़[11]
दे है तस्कीं[12]ब-दमे- आबे-बक़ा [13] मौजे-शराब

बस कि दौड़े है रगे-ताक[14] में ख़ूँ हो-हो कर
शहपरे-रंग [15] से है बालकुशा[16] मौजे-शराब

मौज-ए-गुल[17] से चराग़ाँ[18] है गुज़रगाहे ख़याल[19]
है तसव्वुर[20] में जिबस[21] जल्वानुमा मौजे-शराब

नश्शे के पर्दे में है मह्वे[22] तमाशा -ए-दिमाग़
बस कि रखती है सरे- नश-ओ-नुमा[23] मौजे शराब

एक आलम[24] पे है तूफ़ानी-ए-कैफ़ीयते-फ़स्ल[25]
मौज -ए-सब्ज़ा-ए-नौख़ेज़[26] से ता मौजे-शराब

शरहे[27] -हंगामा-ए-हस्ती[28] है, ज़हे[29]मौसमे-गुल
रहबरे-क़तरा ब-दरिया[30] है ख़ुशा[31]मौजे-शराब

होश उड़ते हैं मेरे जल्वा-ए-गुल[32] देख असद
फिर हुआ वक़्त कि हो बालकुशा मौजे-शराब

शब्दार्थ:
  1. ↑ बाल खोले
  2. ↑ मदिरा की धारा
  3. ↑ मदिरा पात्र
  4. ↑ हृदय व हाथ की शक्ति
  5. ↑ नशे में धुत्त होने का कारण
  6. ↑ माली
  7. ↑ अंगूर की बेल की छाँव
  8. ↑ जीवन धारा
  9. ↑ वायु का आनंद
  10. ↑ वनस्पति की आत्मा
  11. ↑ गर्वपूर्ण प्यास
  12. ↑ तसल्ली
  13. ↑ अमृत की बूँद की तरह
  14. ↑ अंगूर की रग
  15. ↑ रंगीन पंख
  16. ↑ बाल खोले हुए
  17. ↑ पुष्प लहर
  18. ↑ प्रदीप्त
  19. ↑ कल्पनाओं की राह
  20. ↑ कल्पना
  21. ↑ अत्याधिक
  22. ↑ छुपा हुआ
  23. ↑ विकास
  24. ↑ स्थिति
  25. ↑ वसंत के आने की उमंग
  26. ↑ नवोदित हरियाली की बहार
  27. ↑ व्याख्या
  28. ↑ जीवन की चहल-पहल
  29. ↑ धन्य
  30. ↑ बूँद को नदी तक ले जाने वाला
  31. ↑ बहुत अच्छा
  32. ↑ फूल की बहार