करे है बादा, तेरे लब से

करे है बादा[1], तेरे लब से, कसब-ए-रंग-ए-फ़ुरोग़[2]
ख़त-ए-प्याला[3] सरासर निगाह-ए-गुल-चीं[4] है

कभी तो इस दिल-ए-शोरीदा[5] की भी दाद[6] मिले
कि एक उ़मर से हसरत-परसत-ए-बालीं[7] है

बजा[8] है गर न सुने नाला-ए-बुलबुल-ए-ज़ार[9]
कि गोश-ए-गुल[10] नम-ए-शबनम[11] से पम्बा-आगीं[12] है

'असद' है नज़अ़[13] में चल बे-वफ़ा बरा-ए-ख़ुदा[14]
मक़ाम-ए-तरक-ए-हिज़ाब-ओ-विदा-ए-तमकीं[15] है

शब्दार्थ:
  1. ↑ शराब
  2. ↑ मनमोहक रंग लेना
  3. ↑ प्याले के काँच में दरार
  4. ↑ फूल तोड़ने वाले की नज़र
  5. ↑ उन्मत्त दिल
  6. ↑ तारीफ
  7. ↑ तकिए का इच्छुक
  8. ↑ मंज़ूर
  9. ↑ बुलबुल के रोने का गीत
  10. ↑ गुलाब का कान
  11. ↑ ओस से भीगा हुआ
  12. ↑ रुई का फोहा
  13. ↑ मौत की वेदना
  14. ↑ भगवान के लिए
  15. ↑ संकोच को त्याग के गरिमा को अलविदा कहने का वक़्त