हम पर जफ़ा से तर्के-वफ़ा का गुमाँ नहीं

हम पर जफ़ा से तर्के -वफ़ा[1]का गुमाँ [2]नहीं
इक छेड़ है, वगर्ना मुराद[3] इम्तहाँ[4] नहीं

किस मुँह से शुक्र कीजिए इस लुत्फ़-ए-ख़ास का
पुरसिश[5] है और पा-ए-सुख़न[6] दरमियाँ नहीं

हमको सितम अज़ीज़ सितमगर को हम अज़ीज़
ना-मेहरबाँ नहीं है, अगर मेहरबाँ नहीं

बोसा नहीं न दीजिए दुश्नाम ही सही
आख़िर ज़बाँ तो रखते हो तुम,गर दहाँ नहीं

हरचन्द जाँ-गुदाज़ी[7]-ए-क़हर-ओ-इताब[8] है
हरचन्द पुश्त गर्मी[9]-ए-ताब-ओ-तवाँ [10]नहीं

जाँ मुतरिब-ए-तराना[11]-ए-‘हलमिन मज़ीद’[12] है
लब, पर्दा संज-ए-ज़मज़म-ए-अलअमाँ[13] नहीं

ख़ंजर से चीर सीना,अगर दिल न हो दुनीम[14]
दिल में छुरी चुभो, मिज़्गाँ[15] गर ख़ूँचकाँ[16] नहीं

है नंगे-सीना दिल अगर आतिशकदा[17]न हो
है आरे- दिल[18] नफ़स[19] अगर आज़रफ़िशाँ[20]नहीं

नुक़्साँ [21]नहीं, जुनूँ में बला से हो घर ख़राब
सौ ग़ज़ ज़मीं के बदले बयाबाँ गराँ [22]नहीं

कहते हो क्या लिखा है तेरे सर नविश्त[23] में
गोया जबीं[24] पे सिज्दा-ए-बुत[25] का निशाँ नहीं

पाता हूँ उससे दाद कुछ अपने क़लाम की
रूहुल-क़ुदूस[26] अगर्चे मेरा हमज़बाँ[27] नहीं

जाँ है बहा-ए-बोसा [28]वले[29] क्यूँ कहे अभी
‘ग़ालिब’ को जानता है कि वो नीमजाँ[30] नहीं

शब्दार्थ:
  1. ↑ प्रणय-विच्छेद
  2. ↑ भ्रम
  3. ↑ अभीष्ट
  4. ↑ परीक्षा
  5. ↑ सत्कार
  6. ↑ कहने की हिम्मत
  7. ↑ जानलेवा
  8. ↑ क्रोध व आतंक
  9. ↑ सहारा
  10. ↑ सहनशक्ति
  11. ↑ गायक
  12. ↑ पवित्र क़ुरआन का आह्वान
  13. ↑ भयमुक्त बुदबुदाहट
  14. ↑ दो टूक
  15. ↑ पलकें
  16. ↑ रक्त रंजित
  17. ↑ आँचघर
  18. ↑ शर्म लज्जा
  19. ↑ अस्तित्व,श्वास
  20. ↑ अग्निवर्षक
  21. ↑ हानि
  22. ↑ बोझ
  23. ↑ भाग्य
  24. ↑ माथे
  25. ↑ आस्तिकता
  26. ↑ ज़िब्रील नामक देवता
  27. ↑ मित्रवर
  28. ↑ चुम्बन जैसा
  29. ↑ लेकिन
  30. ↑ अधमरा