शुमार-ए-सुबहा मरग़ूब-ए-बुत-ए-मुश्किल पसंद आया

शुमार-ए-सुबहा[1] मरग़ूब-ए-बुत-ए-मुश्किल[2] पसंद आया
तमाशा ब यक-कफ़बुरदन-ए-सददिल[3] पसंद आया

ब फ़ैज़-ए-बे-दिली[4] नौमीदी-ए-जावेद[5] आसां है
कुशायिश[6] को हमारा उ़क़दा-ए-मुश्किल[7] पसंद आया

हवा-ए-सैर-ए-गुल[8] आईना-ए-बे-मिहरी[9]-ए-क़ातिल
कि अंदाज़-ए-ब ख़ूं-ग़लतीदन-ए-बिसमिल[10] पसंद आया

शब्दार्थ: