जराहत तोहफ़ा अलमास अरमुग़ां

जराहत[1] तोहफ़ा, अलमास[2] अरमुग़ां[3], दाग़-ए-जिगर हदया[4]
मुबारक-बाद असद ग़म-ख़वार-ए-जान-ए-दरद-मंद[5] आया

शब्दार्थ: