महाराणा प्रताप का सच
by हिंदी संपादक (विशेष लेखन)
इतिहास के एक महान योद्धा थे महाराणा प्रताप | 7 जून 1540 को उदयपुर के संस्थापक उदय सिंह द्वितीय और महारानी जयवंता बाई के घर में जन्मे महाराणा बाद में जाकर मेवाड़ के मशहूर राजा बने |प्रताप की बहादुरी के किस्से आज भी राजस्थान में गाये जाते हैं | आईये जानते हैं उनसे जुडी कुछ ऐसी बातें जो अभी तक किसी के सामने नहीं आई हैं |
Chapters
- भाला 80 तो 71 किलो का कवच
- घास की रोटी
- एक ही वार में काम तमाम
- चेतक की तेज़ी
- उनका परिवार
- प्रताप का डर
- पठान का साथ
- हल्दीघाटी की लड़ाई
- प्रथम स्वतंत्रता सेनानी
- वचन की पूर्ति