Android app on Google Play iPhone app Download from Windows Store

 

मंत्रपुष्पांजली

ॐ य यज्ञेन यज्ञमयजन्त देवास्तानि धर्माणी प्रथामाण्यासन |
ते ह नाकं महिमानः सचन्त यत्र पुर्वे साध्या: पुर्वे साध्याः सन्ति देवाः ||
ॐ राजाधिराजाय प्रसह्यसाहिने नमो वयं  वैश्रवणाय कुर्महे |
स में कमान कामकामाय  मह्यम कामेमवरो वैश्रवणो ददातु |
कुबेराय वैश्रवणाय महाराजाय नमः |
ॐ स्वस्ति साम्राज्य वैराज्य परमेष्ठ
राज्य महाराज्य्धीपात्यमय समंतपर्यायी स्या त्सार्वाभौमः
सार्वायुष आन्तादापरार्धात्पृंथीवैय समुद्रपर्य्न्ताय एकराळित
तदप्येष मालोकोभिगीतो मारुतः परिवेष्टारो मारुत्तास्यावस्न गृहे |
आविक्षितस्य काम्प्रेर्विमावे देवाः सभासद इति |