Android app on Google Play iPhone app Download from Windows Store

 

अष्टलक्ष्मी स्तोत्रम्


आदिलक्ष्मी
सुमनसवन्दित सुन्दरि माधवि चन्द्र सहोदरि हेममये ।
मुनिगणमण्डित मोक्षप्रदायिनि मञ्जुळभाषिणि वेदनुते॥
पङ्कजवासिनि देवसुपूजित सद्गुणवर्षिणि शान्तियुते ।
जयजय हे मधुसूदन कामिनि आदिलक्ष्मी सदा पालय माम्॥१॥॥
धान्यलक्ष्मी
अहिकलि कल्मषनाशिनि कामिनि वैदिकरूपिणि वेदमये ।
क्षीरसमुद्भव मङ्गलरूपिणि मन्त्रनिवासिनि मन्त्रनुते॥
मङ्गलदायिनि अम्बुजवासिनि देवगणाश्रित पादयुते ।
जयजय हे मधुसूदन कामिनि धान्यलक्ष्मि सदा पालय माम्॥२॥॥
धैर्यलक्ष्मी
जयवरवर्णिनि वैष्णवि भार्गवि मन्त्रस्वरूपिणि मन्त्रमये ।
सुरगणपूजित शीघ्रफलप्रद ज्ञानविकासिनि शास्त्रनुते॥
भवभयहारिणि पापविमोचनि साधुजनाश्रित पादयुते ।
जयजय हे मधुसूदन कामिनि धैर्यलक्ष्मि सदा पालय माम्॥३॥॥
गजलक्ष्मी
जयजय दुर्गतिनाशिनि कामिनि सर्वफलप्रद शास्त्रमये ।
रथगज तुरगपदादि समावृत परिजनमण्डित लोकनुते॥
हरिहर ब्रह्म सुपूजित सेवित तापनिवारिणि पादयुते ।
जयजय हे मधुसूदन कामिनि गजलक्ष्मि रूपेण पालय माम्॥४॥॥
सन्तानलक्ष्मी
अहिखग वाहिनि मोहिनि चक्रिणि रागविवर्धिनि ज्ञानमये ।
गुणगणवारिधि लोकहितैषिणि स्वरसप्त भूषित गाननुते॥
सकल सुरासुर देवमुनीश्वर मानववन्दित पादयुते ।
जयजय हे मधुसूदन कामिनि सन्तानलक्ष्मि त्वं पालय माम्॥५॥॥
विजयलक्ष्मी
जय कमलासनि सद्गतिदायिनि ज्ञानविकासिनि गानमये ।
अनुदिनमर्चित कुङ्कुमधूसर- भूषित वासित वाद्यनुते॥
कनकधरास्तुति वैभव वन्दित शङ्कर देशिक मान्य पदे ।
जयजय हे मधुसूदन कामिनि विजयलक्ष्मि सदा पालय माम्॥६॥॥
विद्यालक्ष्मी
प्रणत सुरेश्वरि भारति भार्गवि शोकविनाशिनि रत्नमये ।
मणिमयभूषित कर्णविभूषण शान्तिसमावृत हास्यमुखे॥
नवनिधिदायिनि कलिमलहारिणि कामित फलप्रद हस्तयुते ।
जयजय हे मधुसूदन कामिनि विद्यालक्ष्मि सदा पालय माम्॥७॥॥
धनलक्ष्मी
धिमिधिमि धिंधिमि धिंधिमि धिंधिमि दुन्दुभि नाद सुपूर्णमये ।
घुमघुम घुंघुम घुंघुम घुंघुम शङ्खनिनाद सुवाद्यनुते॥
वेदपुराणेतिहास सुपूजित वैदिकमार्ग प्रदर्शयुते ।
जयजय हे मधुसूदन कामिनि धनलक्ष्मि रूपेण पालय माम्॥८॥

देवी स्तोत्रे

स्तोत्रे
Chapters
महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम्
ललितापञ्चरत्नम्
आनन्दसागरस्तवः
भगवतीस्तोत्रम्
विन्ध्येश्वरी स्तोत्रम्
श्रीचन्द्रमौलीश्वर
स्तुतिशतकम्
श्रीशारदास्वर्णरथसमर्पणापद्यावलिः
ललितापञ्चरत्नम्
शारदाभुजङ्गप्रयाताष्टकम्‌
श्रीशारदापञ्चरत्नस्तुतिः
श्री देवी स्तोत्रे
देवकृतलक्ष्मीस्तोत्रम्
त्रिपुरसुन्दरीस्तोत्रम्
लक्ष्मीलहरि:
इन्द्राक्षीस्तोत्रम्
भवानीभुजंगस्तोत्रम्
श्रेयस्करीस्तोत्रम्
देवीषट्‌कम्
दुर्गापदुद्धारस्तोत्रम्
नीलसरस्वतीस्तोत्रम्
सरस्वती स्तोत्र
श्रीमहालक्ष्मीस्तोत्र
देवी स्तोत्र
देवी स्तोत्र
देवी स्तोत्र
देवी प्रणव श्लोकी
दुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रं
श्रीदुर्गासप्तश्लोकी
देवी माहात्म्यम्
कीलकस्तोत्रम्
देवी कवचम्
देवी स्तोत्र
नवरत्नमालिका
देवी पञ्चरत्नम्
धनलक्ष्मी स्तोत्रम्
अथ देवीसूक्तं
धनलक्ष्मी स्तोत्रम्
धर्माम्बिकास्तवः
नवदुर्गास्तोत्र
नवाक्षरीस्तोत्रम्
पार्वतीस्तोत्रम्
ब्रह्मस्तोत्रम्
बृहदम्बार्याशतकम्
भगवतीस्तोत्रम्
देवी स्तोत्र
हिमवानुवाच
देवी स्तोत्र
मीनाक्षी पञ्चरत्नम्
मीनाक्षीस्तोत्रम्
योगविषयः
योगिनीहृदयम्
श्रीराजराजेश्वर्यष्टकम्
राजराजेश्वरीस्तवः
रेणुकास्तोत्रम्
देवकृत लक्ष्मी स्तोत्रम्
देवी स्तोत्र
शक्तिसूत्राणि
शान्तिस्तवः
अघनाशकगायत्रीस्तोत्र
अम्बास्तोत्रम्
अर्धनारीश्वराष्टकम्
अष्टलक्ष्मी स्तोत्रम्
धनलक्ष्मी स्तोत्र
आर्यापञ्चदशीस्तोत्रम्
उमामहेश्वरस्तोत्रम्
कनक धारा स्तोत्र
कल्याणवृष्टिस्तवः
श्री कामाक्षी सुप्रभातम्
कीलकस्तोत्रम्
गंगास्तोत्र
श्री चण्डीपाठ
देवी स्तोत्र
देवी अथर्वशीर्ष