Android app on Google Play iPhone app Download from Windows Store

 

ब्रह्मस्तोत्रम्


ॐ नमस्ते सते सर्वलोकाश्रयाय नमस्ते चिते विश्वरूपात्मकाय ।
नमोऽद्वैततत्त्वाय मुक्तिप्रदाय नमो ब्रह्मणे व्यापिने निर्गुणाय ॥१॥
त्वमेकं शरण्यं त्वमेकं वरेण्यं त्वमेकं जगत्कारणं विश्वरूपम् ।
त्वमेकं जगकतृर्पातृप्रहार्तृ त्वमेकं परं निश्चलं निर्विकल्पम् ॥२॥
भयानां भयं भीषणं भीषणानां गतिः प्राणिनां पावनं पावनानाम् ।
महोच्चैः पदानां नियन्तृ त्वमेकं परेशं परं रक्षणं रक्षणानाम् ॥३॥
परेश प्रभो सर्वरूपाविनाशिन् अनिर्देश्य सर्वेन्द्रियागम्य सत्य ।
अचिन्त्याक्षर व्यापकव्यक्ततत्त्व जगद्भासकाधीश पायादपायात् ॥४॥
तदेकं स्मरामस्तदेकं भजाम- स्तदेकं जगत्साक्षिरूपं नमामः ।
सदेकं निधानं निरालम्बमीशं भवांबोधिपोतं शरण्यं व्रजामः ॥५॥--महानिर्वाण तंत्र

देवी स्तोत्रे

स्तोत्रे
Chapters
महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम्
ललितापञ्चरत्नम्
आनन्दसागरस्तवः
भगवतीस्तोत्रम्
विन्ध्येश्वरी स्तोत्रम्
श्रीचन्द्रमौलीश्वर
स्तुतिशतकम्
श्रीशारदास्वर्णरथसमर्पणापद्यावलिः
ललितापञ्चरत्नम्
शारदाभुजङ्गप्रयाताष्टकम्‌
श्रीशारदापञ्चरत्नस्तुतिः
श्री देवी स्तोत्रे
देवकृतलक्ष्मीस्तोत्रम्
त्रिपुरसुन्दरीस्तोत्रम्
लक्ष्मीलहरि:
इन्द्राक्षीस्तोत्रम्
भवानीभुजंगस्तोत्रम्
श्रेयस्करीस्तोत्रम्
देवीषट्‌कम्
दुर्गापदुद्धारस्तोत्रम्
नीलसरस्वतीस्तोत्रम्
सरस्वती स्तोत्र
श्रीमहालक्ष्मीस्तोत्र
देवी स्तोत्र
देवी स्तोत्र
देवी स्तोत्र
देवी प्रणव श्लोकी
दुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रं
श्रीदुर्गासप्तश्लोकी
देवी माहात्म्यम्
कीलकस्तोत्रम्
देवी कवचम्
देवी स्तोत्र
नवरत्नमालिका
देवी पञ्चरत्नम्
धनलक्ष्मी स्तोत्रम्
अथ देवीसूक्तं
धनलक्ष्मी स्तोत्रम्
धर्माम्बिकास्तवः
नवदुर्गास्तोत्र
नवाक्षरीस्तोत्रम्
पार्वतीस्तोत्रम्
ब्रह्मस्तोत्रम्
बृहदम्बार्याशतकम्
भगवतीस्तोत्रम्
देवी स्तोत्र
हिमवानुवाच
देवी स्तोत्र
मीनाक्षी पञ्चरत्नम्
मीनाक्षीस्तोत्रम्
योगविषयः
योगिनीहृदयम्
श्रीराजराजेश्वर्यष्टकम्
राजराजेश्वरीस्तवः
रेणुकास्तोत्रम्
देवकृत लक्ष्मी स्तोत्रम्
देवी स्तोत्र
शक्तिसूत्राणि
शान्तिस्तवः
अघनाशकगायत्रीस्तोत्र
अम्बास्तोत्रम्
अर्धनारीश्वराष्टकम्
अष्टलक्ष्मी स्तोत्रम्
धनलक्ष्मी स्तोत्र
आर्यापञ्चदशीस्तोत्रम्
उमामहेश्वरस्तोत्रम्
कनक धारा स्तोत्र
कल्याणवृष्टिस्तवः
श्री कामाक्षी सुप्रभातम्
कीलकस्तोत्रम्
गंगास्तोत्र
श्री चण्डीपाठ
देवी स्तोत्र
देवी अथर्वशीर्ष